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Aaj Ki Larkiyan Kaisi Hona Chahiye Hamare Islam Me In Hindi

Onlinehindiadvice.com मे आपका स्वागत है मेरे भाइयों मेरी बहनों मेरी मां आज जो मैं आपको बताने जा रहा हूं आप इस  Article   को बहुत ही ध्यान से पढ़ना आज हम आपको बताने जा रहा हूं कि हमारे इस्लाम में लड़कियों को कैसे रहना चाहिए किस ढंग से रहना चाहिए आज की खातून ए ऐसी हो गई है कि बेपर्दा रह रहे हैं उन्हें कोई परवाह ही नहीं है अपने इस्लाम की अपने नबी की अपने मां बाप की उन्हें किसी की कोई शर्म ना ले आज है आज मैं आपको बताऊंगा कि हमारे इस्लाम में मां बहने मेरी बेटियों को कैसे रहना चाहिए इस्लाम में किस तरह से रहना चाहिए मेरे इस्लाम में बेपर्दा औरतों और लड़कियों और बेटियों को कोई जगह नहीं है.

मेरे खुदा  मेरे नबी की उम्मत में कोई भी नहीं जाएगी बेपर्दा औरत मेरे इस आर्टिकल को आप बहुत ही ध्यान से फॉलो करना और अपने दीन को बर्बाद ना होने दें अपने दीन को हासिल करें अपने नवी के फरमान को मानो आप यह कहते हो कि मैं अपने नबी का दामन नहीं छोड़ेंगे हम अपने नबी का दामन नहीं छोड़ेंगे क्या आपको पता है कि मेरे नबी का दामन पकड़ने का क्या मतलब है .

क्या आपने खुदा देखा क्या आपने मेरे रसूल देखे जब आपने मेरे रसूल नहीं देखे हैं तो आप कैसे मेरे रसूल का दामन पकड़ ले रहेंगे इसका मतलब यह है कि मेरे रसूल का दामन पकड़ लेगा कि उनके तरीकों पर चलो जो ने कहा है उनको मानो उनकी हर बात को मानो जो वह कह चुकी हैं उनको मानो नमाज पढ़ो दुआएं करो मेरे को ध्यान से फॉलो करो मैं आपको बताने जा रहा हूं कि आज की खातून को कैसे रहना चाहिए.

कल की खातून ऐसी रहे करती थी

कल की खातून ने इस तरह  रहे करती थी कि कभी बेपर्दा ना रहे करती थी कभी मर्दों के मुंह नहीं लगती थी कभी बाहर ना जाया करती थी बेपर्दा होकर ना कभी भी चढ़ती थी ना कभी किसी से मजाक बनवाया करती थी ना किसी से कभी अपनी रानू को अपने सर के बाल को अपने पूरे बदन को कभी ना देख आया करती थी.

और कल की खातून ने कभी उनकी नवाजे खजा  ना हो या करती थी कल की  ने ऐसी  खातून थी कि अगर किसी ने एक कुरान पढ़ा है तो दूसरी बोलेगी कि मैं तो अब चार कुरान पड़ूंगी इसने अगर दो पड़े हैं तो मैं आज 4:00 पड़ूंगी इसने एक पड़ा है तो मैं दो पड़ूंगी कल की खातून बहुत अच्छी थी वह कभी बेपर्दा ना रहा करती थी वह हमेशा पर्दा मेरा करती थी कभी बाहर ना जाया करती थी ना कभी शॉपिंग मॉल में ना कभी बाजारों में ना कभी जंगलों में ना कभी बाहर घूमने वह हमेशा अपने घरों में रहा करती थी अपने पदों से रहा करती थी वह कभी आदमियों के कंधों से कंधे मिलाकर ना रहा करती थी पहले की खातून ने अपने रसूल को मानती थी उनके हुकुम को मानती थी उनके दामन को पकड़ा रहा करती थी.

सुनो कल की खातून ऐसी थी वह कभी बेपर्दा ना रही वह हमेशा अपने पर्दे में रहा करती थी हमेशा अपने घरों की चार दीवारों में रहा करती थी उन्हें कभी किसी मर्द ने नहीं देखा कभी किसी आदमी नहीं देखा हमेशा अपने घरों में रहा करती थी बाहर जाया करती थी तो परदे में जाया करती थी उनके जिस्म को कभी किसी ने नहीं देखा जिसमें क्या उनकी कभी उंगली को किसी ने नहीं देखा किसी गैर मर्द ने सुनो आप कल की खातून ने बहुत अच्छी थी .

उनकी तरह कम से कम ना बन सको तो उनकी कनीज तो बन जाओ तुम बीबी फातमा ना बंद बनोगी तो कम से कम उनकी कनीज तो बन जाओ तुम नहीं बन सकती तो तुम उनकी कनीश तो बन जाओ अरे कल की खातून ए बहुत अच्छी थी हमेशा अपने मर्दों को मानती थी कल की खातून ने बहुत अच्छी थी वह हमेशा पर्दे में रहा करती थी बेपर्दा कभी नहीं थी बेपर्दा औरत को कभी जन्नत नसीब नहीं होगी .

आज की खातूने कैसी है

सुनो आज की खातून ऐसी हैं वह कभी पर्दा नहीं करती हैं वह शॉपिंग मॉल में नंगी फिरती हैं अरे ऐसी ऐसी खातूनी है जो मैं बयान नहीं कर सकता कि वह कैसे कैसे रह करती हैं अरे उनके बाल लंबे लंबे पड़े होते हैं. और फैशन में चल रही हैं हरे aaj की खातून ने बेशर्म हो गई है उन्हें कोई शर्म  नहीं है अरे उन्हें रसूल की नाफरमानी कर रही हैं अरे कल की खातून  बहुत अच्छी थी आज की खातूनी उन्होंने अपने इस्लाम को बदनाम कर रही हैं .

अरे आज की खातून ए इतनी बिगड़ गई है कि वह कभी पर्दा में नहीं रहती है वह हमेशा अपने बारे आदि आदि टांगे नंगी नंगी करती हैं उनके आधे आधे हाथ दिख रहे हैं अरे इतनी कपड़े पहन रही हैं कि मुझे बताते हुए आपको शर्म आ रही है रे तोबा करो अपने रसूल की मानो

अपने नबी का हुकुम मानो अरे आज की खातून ने इतना को बदनाम कर रही हो अपने इस्लाम को अरे मानो अरे मानो अपने इस्लाम को अगर आप नमाज पांचों वक्त की पढ़ोगे तो आपके चेहरे पर रौनक होगी  अरे आप नंगी नंगी फिर रही हो अरे यह अपने इस्लाम में नहीं है अपने इस्लाम में पर्दा में रहा करो कभी किसी गैर मर्द से मुंह मिलाकर बात ना करो कभी किसी गैर मर्द को अपने जिसम ना दिखाओ अरे मुझे शर्म आती है आज की खातून और तुम इतनी बेशर्म क्यों हो गई हो कल की खातून ने देखो कैसी थी वह कभी बेपर्दा ना रहा करती थी

.अरे कल की खातून की तरह तो आप नहीं हो सकती मगर कम से कम उनकी  कनीश तो बन जाओ हर एक का नहीं तो दूर की बात है तुम्हें तो अपने बच्चे तक नहीं संभाल पा रही हैं आज की ऐसी खा तू ने है अरे सुनो अपने इस्लाम पर चलो अपने तौर तरीकों को समझो आज की खातून ए तो ऐसी हैं बाजारों में नंगी फिर रही हैं अरे बाहर घूम रही हैं.

सर पर दुपट्टा नहीं अरे आज की माओं के सर पर दुपट्टा नहीं है तो अपने बच्चों को क्या सर पर दुपट्टा रखेंगे अपने बच्चों को क्या  शमाहाल आएंगे उनकी खुद सर पर दुपट्टा नहीं है अरे सुनो आज की खातून अपने इस्लाम को बर्बाद मत होने दो अरे जैसी कल की सैयदा फातिमा थे उनकी तरह तुम बन नहीं सकती कम से कम उनकी  कनीश तो बन जाओ अरे तुम्हारी औलाद तुमसे क्या कहा कि तुम्हारी औलाद तरह से मेरी मां नामज तक नहीं पड़ती और अपने सर पर दुपट्टा नहीं रहती और मुझसे कहती है

की दुपट्टा ओढ़े और पर्दा में रहो तो आप की औलाद क्या कहेगी आपकी बेटी को आपकी बात का कोई भी असर नहीं होगा वह आप को टाल लगी क्या कि मेरी मां तो कभी पर्दा में नहीं रही तो मैं क्या परदा में रहूं अरे सुनो आप और आप पर्दा नहीं करोगी तो आपके आगे बच्चे क्या पर्दा करेंगे अरे सुनो सुनो अपने इस्लाम में रहो पर्दा में रहो

आज का फैशन  कैसा है

आज की खातून इतनी बिगड़ गई है इतनी बिगड़ गई है कि मुझे आपको बताते हुए भी शर्म आ रही है अरे वह कल की खातूनी कहां चली गई जो कभी सर से दुपट्टा नहीं उतारती थी अरे आज की खातूने तो ऐसी है अगर किसी पड़ोस की लड़की ने अगर आधा सिलवाए हैं तो वह कहेगी मैं बिल्कुल बिल्कुल इससे  ज्यादा मैं आधा सिलवाएगी आधे आधे हाथ दिखाती फिर रही हैं.

अरे मैंने तो यह देखा है कि बाजारों में देखो जींस पहने फिर रही हैं अरे मर्दों का रूप लिए फिर रही हैं अरे यार की खातिर आपका क्या होगा जब आप हसर कयामत वाले दिन मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलैहि वसल्लम आपसे जवाब करेंगे तो आप क्या जवाब दोगी अरे आपके सामने  आज भी टाइम है तुम कभी नमाज ए फजर क़ज़ा करती हो खातून ऐसी ऐसी हैं जो उन्हें महीनों से हो जाते हैं मगर वह कभी नमाज नहीं पड़ती ख़ातूने कुछ ऐसी हैं जिन्हें यह तक नहीं पता कि  मैं किस की उम्मत में हूं अरे उन्हें तो अपनी फैशन से ज्यादा बढ़ कर कुछ दिख ही नहीं रहा है.

अरे सपना चौधरी कपड़े पहन रही है तो मैं भी आज ऐसे ही कपड़े पहनूंगी आज की ख़ातूने को क्या हो गया है इतनी बेशर्म हो गई है कि दुनिया वाले कि मैं तुमसे एक बात कहना चाह रहा हूं कि अगर आप ही सुधर के रहोगी अगर आप ही समझ जाओगे आप अपने बच्चों का पहनावा देखोगी सही ढंग से रखोगे तो आज की खातून ने कभी नहीं  बिगड़ेगी अरे मैं तो किसी को गलत नहीं कह रहा हूं मैं तो आज की कह रहा हूं मैंने तो कुछ ऐसी ऐसी मां देखी है जो बुड्ढी हो गई है मगर फिर भी उन्हें फैशन हो कि आज मैं पार्लर में चली जाऊं मैं हेयर कटिंग करवाया हूं बालों में यह लगा लूं वह लगा लो अरे अगर तुम ही संभाल कर नहीं रहोगी तो तुम्हारी औलाद क्या समझ कर आएगी अगर तुम थोड़ा फैशन करोगी तुम्हारी औलाद और बढ़कर फैशन करेगी अरे सम्हाल जाओ आज की खातून कल की खातून को देखो वह कभी बेपर्दा नहीं थी हमेशा पर्दा में रहा करती थी.

इस्लाम में कैसे रहना चाहिए खातून को.

मेरी मां और मेरी बहना मेरी बेटियों को हमेशा पर्दा में रहना चाहिए कभी इस्लाम के दायरे में हमेशा इस्लाम के दायरे में रहना चाहिए कभी इस्लाम के बाहर नहीं जाना चाहिए कभी किसी मर्द से हाथ मिलाना नहीं चाहिए कभी किसी मर्द कोअपने घर में नहीं आने देना  नहीं चाहिए कभी भी मेरी बहन मेरी मां का पहले ही खा तू ने देखो कैसी थी कभी किसी मर्द से आंखे ना मिला करती थी कभी बाजार में नंगी आधे आधे कपड़े जींस वगैरा बेशर्म आई बे हया नहीं फिरती थी वह हमेशा अपने इस्लाम में रहा करती थी.

कभी फैशन ना किया करती आज की लड़कियां तो है कि अगर किसी ने थोड़ी फैशन में है तो मैं उससे ज्यादा फैशन में रहूंगी   अगर उसने आधे कपड़े पहने तो मैं पूरी नंगी रहोगे रे आज की बेशर्म आई भाई की लड़की ने इस्लाम को बर्बाद कर रही है रे मेरी बहना मेरी मां अपनी बेटियों को समझा लो अपनी बेटियों का पहनावा अपने हाथों में ले ले अगर बाजी बाजी तो माय ऐसी होती है.

खुद ही फैशन कर रही हैं तो उनके बच्चे क्या फैशन नहीं करेंगे आज की मां सुधर जाओ और इस्लाम में रहने लगे अरे आज कब अपने इस्लाम में ऐसा पहनावा है कि हमेशा पर्दे में रहना चाहिए हमेशा अपने इस्लाम को मानो अपने मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलैहि वसल्लम के तरीकों को समझो अल्लाह के फरमान को मानो मेरे मोहम्मद अल्लाह ताला अलैहि वसल्लम ने कहा कि मेरी बेटी बीवी फातमा कभी मेरे  मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला वसल्लम की सैयदा फातिमा को किसी गैर मर्द ने नहीं देखा वह हमेशा कुरान पढ़ती थी.

अगर आटा गूंद थी तब भी  कुरान पढ़ती थी अगर कहीं जाया करती थी  तब भी कुरान पढ़ती रहती थी उन्हें कभी किसी ने नहीं देखा मेरे हुसैन की बहन है ना वह भी किसी गैर मर्द ने नहीं देखा वह हमेशा कुरान पढ़ती थी हमेशा इस्लाम में रहा करती थी नमाज उनकी कभी कजा नहीं होती थी.

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मेरे आका की बेटी सैयदा फातिमा हमेशा अपने इस्लाम पर रहा करती   थी हमेशा अल्लाह के फरमान को मना कर देती मेरे आका मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के फरमान को मना करती थी वह कभी बाहर ना जाया करती थी वह  हमेशा पर्दा मे रहा करती थी अरे मेरी सैयदा फातिमा की बहुत बड़ी शान हैं.

अरे बहुत बड़ी शान है तुम आज की खातून ए सैयदा फातिमा तो कभी नहीं बन सकती कम से कम उनकी कनीश तो बन जाओ मेरे अली की बीवी सैयदा फातिमा रे आका मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम की बेटी और मेरे हुसैन की मां सैयदा फातिमा हमेशा पर्दा में रहा करती थी फिर भी वह बाहर कभी ना निकली हमेशा अपने पर्दे में अपने दामन में छुपी रहे उन्हें कभी किसी गैर मर्द ने नहीं देखा आज की खातून ए तो ऐसी है किसी गैर मर्द  ऐसे बातें करती हैं .

अरे पहले की खातून  ने अपने खुद के मर्द से ऐसी बातें नहीं करती थी जो आज की खातून गैर मर्दों से इस तरह बात करती हैं चेहरे से चेहरा मिला के आंखों से आंखें मिलाकर आज की खातून ए सुधर जाओ पहले की खातून को देखो वह हमेशा पर्दा में रहा करती थी मेरे इस्लाम को बर्बाद मत करो हमेशा पर्दा में रहो हमेशा मेरे आका मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला वसल्लम का हुकुम मानो

बात तो बहुत बड़ी है मगर मैं इस आर्टिकल में पूरी बात नहीं बता सकता हूं अगर आपको आगे कुछ पूछना हो मुझसे तो आप मुझसे कमेंट में पूछ सकते हैं व्हाट्सएप में फेसबुक पर भी आ सकते हैं क्योंकि इतनी बड़ी पोस्ट नहीं होती की पूरी बात बता सकी इस्लाम कितना बड़ा है की एक पोस्ट किया कितनी पोस्ट है में लिख दूं फिर भी कम नहीं होगा इसलिए मैं अपने मुसलमान भाइयों से रिक्वेस्ट करता हूं कि मेरी यह पोस्ट ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और जितने भी मेरे मुसलमान भाई हैं अगर मेरे मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम को मानते हो मेरे हुसैन को मानते हो मेरी सैयदा फातिमा को मानते हो कि मेरे इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करो जिससे इस्लाम ज्यादा से ज्यादा मैं सब तक पहुंचा सकूं और अपनी मां बहनों बेटियों को इस्लाम पर चला सकूं

 

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